vimla munda

34वें राष्ट्रीय खेल में चैंपियन रही विमला मुंडा की बेबसी ने किया कराटे से दूर, सैकड़ों मेडल विजेता विमला मुंडा ‘हड़िया’ बेचने को मजबूर,

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सोशल मीडिया पर राँची की एक चैंपियन खिलाड़ी की वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक तरफ जहाँ आप खिलाड़ी के सर्टिफिकेट और सैकड़ों मेडल देख कर खुश हो जाएँगे, वहीं दूसरी ओर विमला मुंडा गरीबी और लाचारी देखकर आपका दिल दहल जयेगा। वही ये खिलाड़ी किसी आमिर की घर की बेटी होती तो ये किसी बड़े मैदान में खेलती हुई नज़र अति

जब ये वीडियो हेमंत सोरेन ने देखा तो ट्वीट कर के लिखे

वहीं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने लिखा

आदिवासी समाज में पारम्परिक समाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्थान है। मानकी-मुंडा, परहा राजा, पाहन, प्रधान आदि के नेतृत्व में समाज ने अपने आदर्शों को अब तक बचाने का सफल प्रयास किया है । लूटेरी पार्टी का वश चलता तो आज CNT/ SPT ख़त्म को चुका होता।

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कौन है, ये चैंपियन सैकड़ों मेडल विजेता विमला मुंडा

झारखंड की राजधानी राँची के कांके में एक ऐसी प्रतिभा रहती है, जो कराटे में सिर्फ ब्लैक बेल्ट ही नहीं बल्कि नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट भी है विमला मुंडा वैसे तो साल 2008 से ही टूर्नामेंट खेल रही हैं। इसी साल जिला लेवल पर इन्होंने मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 2009 में ओडिशा में भी पदक विजेता रही। 34वें नेशनल गेम्स में विमला ने सिल्वर मेडल जीत कर राज्य का मान बढ़ाया तो वहीं अक्षय कुमार इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में इन्होंने दो गोल्ड मेडल जीत कर अपना और अपने राज्य का नाम रौशन किया।

इस तरह के सैकड़ों मेडल विमला ने अपने नाम किए हैं। विमला अपने मेडल और सर्टिफिकेट देखकर भावुक हो जाती हैं। कहती हैं पहले पूरे दिन सिर्फ अपने मेडल और सर्टिफिकेट को ही निहारती रहती थी.. लेकिन जैसे सच्चाई से सामना होता गया मैंने अपने सभी मेडल और सर्टिफिकेट बक्से में रख दिया ।

क्यू बेच हड़िया (Rice Winne)

आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण विमला जैसी नेशनल प्लेयर आज हड़िया (Rice Winne) बेच कर अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रही हैं। विमला का हड़िया बेचना अब विवशता है। कराटे की प्रैक्टिस पर भी असर पड़ रहा है। माँ दूसरे के खेतों में काम करती हैं। पिता फिजिकली फिट नहीं हैं।

वहीं विमला की माँ ने बताया की विमला को पढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है। कुछ नहीं हुआ तो आजीविका चलाने के लिए हड़िया बेचना मजबूरी है।

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Note:
 The images used in this article from www.hindi.opindia.com


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