केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नहीं रहे

मौसम विज्ञानिक के नाम से मशहूर लोजपा केंद्रिय मंत्री रामविलास पासवान जी का 74 साल की उम्र में निधन

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मौसम विज्ञानिक के नाम से मशहूर लोजपा केंद्रिय मंत्री रामविलास पासवान जी का 74 साल की उम्र में निधन

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का 74 साल की उम्र में निधनहो गई, पिछले कुछ दिनों से बीमार से लार रहे थे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान 4 अक्टूबर को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी सामने आई थी. तब उनके बेटे चिराग पासवान ने बताया था कि उनके दिल का ऑपरेशन हुआ है. की तबीयत काफी समय से ठीक नहीं चल रही थी. उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था

पीएम नरेंद्र मोदी ने राम विलास पासवान के निधन ट्वीट किया, लिखा,

केन्द्रीय मंत्री लोजपा के पूर्व अध्यक्ष रामविलास पासवान जी का निधन

मैं शब्दों से परे दुखी हूं। हमारे राष्ट्र में एक शून्य है जो शायद कभी नहीं भरेगा। श्री राम विलास पासवान जी का निधन एक व्यक्तिगत क्षति है। मैंने एक दोस्त, मूल्यवान सहयोगी और किसी को खो दिया है, जो हर गरीब व्यक्ति को यह सुनिश्चित करने के लिए बेहद भावुक था कि वह सम्मानजनक जीवन जीते हैं

श्री राम विलास पासवान जी ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से राजनीति में कदम रखा। एक युवा नेता के रूप में, उन्होंने आपातकाल के दौरान अत्याचार और हमारे लोकतंत्र पर हमले का विरोध किया। वह एक उत्कृष्ट सांसद और मंत्री थे, जिन्होंने कई नीतिगत क्षेत्रों में स्थायी योगदान दिया।

साथ में काम करना, पासवान जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना एक अविश्वसनीय अनुभव रहा है। मंत्रिमंडल की बैठकों के दौरान उनके हस्तक्षेप व्यावहारिक थे। राजनीतिक ज्ञान, राज्य-कौशल से लेकर शासन के मुद्दों तक, वह प्रतिभाशाली थे। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना शांति।

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राजनीति पर गहरी पकड़ रखने वाले नेता थे रामविलास पासवान जी

राजनीतिक दल उन्हें ‘मौसम वैज्ञानिक’ कहते थे. मतलब ये था कि सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा, वो पहले ही भांप लेते थे. रामविलास पासवान बिहार की सियासत के रास्ते केंद्र तक पहुंचे. साल 1969 से 2019 तक यानी टोटल 50 साल से किसी न किसी पद पर रहे. वे साल 69 में पहली बार विधायक बने थे. फिर 77 में हाजीपुर से सांसद बने. और मोरारजी भाई देसाई की जनता पार्टी सरकार का हिस्सा रहे.

तब से गंगा में न जाने कितना पानी बह गया, मगर पासवान की सियासत के दरख्त न हिले, न डुले. वे खड़े के खड़े रहे. अपनी जगह अडिग-अटल. पासवान की इस कला के लोग जबरदस्त मुरीद थे. मोदी सरकार में 30 मई, 2019 को उन्होंने दोबारा बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ली.

जय प्रकाश आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था

केंद्रीय मन्त्री रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई, 1946 को बिहार के खगड़िया जिले के सुडुल इलाका सहरबन्नी गांव में अनुसूचित जाति परिवार में हुआ था. शुरुआती पढ़ाई-लिखाई गांव में हुई. लॉ ग्रेजुएट और मास्टर ऑफ आर्ट्स किया. छात्र राजनीति में सक्रिय रहे. फिर बिहार पुलिस में नौकरी की. पहली शादी 1960 में खगड़िया की राजकुमारी देवी से हुई. 1981 में उन्होंने राजकुमारी को तलाक दे दिया. उनसे उनकी दो बेटियां हैं, उषा और आशा. पासवान ने दूसरी शादी 1983 में अमृतसर की रहने वाली एयर होस्टेस और पंजाबी हिंदू रीना शर्मा से की. उनसे एक बेटा और बेटी हैं. बेटा चिराग पासवान भी राजनीति में हैं. राजनारायण और जयप्रकाश नारायण को अपना आदर्श माना. छात्र जीवन में जेपी के समाजवादी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

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