सऊदी अरब अपने इस क़दम से दुबई को पटखनी दे पाएगा

सऊदी अरब अपने इस क़दम से दुबई को पटखनी दे पाएगा?

Spread the love

तेल निर्यात करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए कई क़दम उठा रहा है. क्योंकि सरकार को अहसास है कि तेल हमेशा के लिए नहीं रहेगा.

सऊदी सरकार के ताज़ा क़दम के अनुसार ऐसी कोई भी विदेशी कंपनी और वाणिज्यिक संस्था के लिए, जो सरकारी ठेका/कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहती है, उसे अपना क्षेत्रीय मुख्यालय सऊदी अरब में खोलना ज़रूरी होगा. इसे सऊदी सरकार 2024 से लागू करने जा रही है.

क्षेत्र में सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी है और सियासी दृष्टिकोण से भी सऊदी अरब एक क्षेत्रीय ताक़त है. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी की राजधानी रियाद को 2030 तक एक आर्थिक और व्यापारिक गढ़ बनाना चाहते हैं.

सऊदी अरब की ताज़ा घोषणा ने पड़ोसी देशों में काफ़ी हलचल मचा दी है. इसके क़रीबी मित्र संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भी चिंता है. यूएई में लोग इसे सऊदी अरब की दुबई से मुक़ाबला करने की एक कोशिश के रूप में देख रहे हैं.

तेल से मालामाल खाड़ी देशों में दुबई एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़ा व्यापारिक और आर्थिक गढ़ है. दुनिया की बड़ी कंपनियों का क्षेत्रीय मुख्यालय यहाँ सालों से है और यहाँ पश्चिमी देशों के लोग लाखों की संख्या में छुट्टियाँ मनाने आते हैं. ऐसा कुछ बद तक आबूधाबी में भी होता है.

खाड़ी देशों में इन दोनों शहरों का कोई मुक़ाबला नहीं है. लेकिन ये सब अब बदल सकता है.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान रियाद को उन ऊँचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, जहाँ इस समय दुबई है. रियाद की आबादी 75 लाख है लेकिन क्राउन प्रिंस इसे 2030 तक दोगुना बढ़ाना चाहते हैं.

रियाद तेज़ी से फैल रहा है. शहर में काँच की जगमगाती इमारतें, मॉल, बड़ी कंपनियों के शोरूम और चौड़ी सड़कें वहाँ की अमीरी को दर्शाते हैं. यहाँ कई विदेशी कंपनियाँ पहले से ही मौजूद हैं.

dainik24news.com हिन्दी के site के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुकट्विटर,पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Source link


Spread the love